तुम्हारा जन्मदिन

तेरी याद जो आई मेरी ऑंखें ढबढबाईं कुछ ख़ास है आज का दिन आज के दिन मनाते तुम्हारा जन्मदिन मगर अब वही दिन बन कर रह गया याद का दिन तुम जो रूठ चलीं जहाँ से ढूँढती हूँ तुम्हारे निशाँ से वो छोटी छोटी बातें, यादें बन समेट लेती हैं एक आलिंगन बन हर क्षण … Continue reading तुम्हारा जन्मदिन

विध्वत्व होली Vidhvatv Holi

आया होली का रंगीला त्यौहार क्या उनका होगा रंगों से साकार क्या उनके सपनों को मिलेगा आकार क्या होली खेलने आएगा कोई उन संग क्या उन पर डालेगा आके कोई रंग

कर गए चलाना

  मीठी सी मुस्कान वह प्यारी बहुत दिलों को देती दिलदारी चेहरे की मासूमियत झलकती गम्भीर सी सोच के तले कोटू अन्कल वह बातें प्यारी याद सदा रहेंगी न्यारी बहुत अचानक किया चलाना निरंकार की शरण था जाना वो बचपन के छुट्टियों के दिन जब मनु व रीटा हांगकांग आते वह आपका हर रात हमारा … Continue reading कर गए चलाना