विभाजन विभीषिका दिवस

एक तस्वीर, हजार कहानियां।घर, दुकान, खेत, जायजाद सब छोड़कर आए...लेकिन अपने संस्कार और हिम्मत साथ लाए। हमने सिंध छोड़ा, सब कुछ खोया,पर हिम्मत नहीं छोड़ी।लौटकर भारत आए, फिर से शून्य से शुरुआत की।मेहनत, ईमानदारी और संस्कारों सेआज हम अपने सपनों से भी बड़ी पहचान बना चुके हैं। हम तब भी सिंधी थे,हम आज भी सिंधी … Continue reading विभाजन विभीषिका दिवस

बादलों के शहर!

बचपन के वे आसमानों वाले महल हमारे मस्तिष्क में मचाते चहल पहल आपने भी यकीनन इन बादलों को देख कई अलग-अलग तरह के आकार जाने होंगे कभी वही बादल स्वप्न से अति मोहक व कभी भयानक क्रूर रूप वाले दिखते होंगे सिकीलधी Published in the July Edition of “Hindu Deep” by Hindu Council of Kenya