It was a privilege performing with my self composed Hindi poetry at the celebrations marking 80 years of Indian Independence at the Arya Samaj Nairobi. check out the poetry on the YouTube link shared https://youtu.be/D23IMbcwcl8?si=3MvZbFJH4ygZIIoD
Hindi
विभाजन विभीषिका दिवस
एक तस्वीर, हजार कहानियां।घर, दुकान, खेत, जायजाद सब छोड़कर आए...लेकिन अपने संस्कार और हिम्मत साथ लाए। हमने सिंध छोड़ा, सब कुछ खोया,पर हिम्मत नहीं छोड़ी।लौटकर भारत आए, फिर से शून्य से शुरुआत की।मेहनत, ईमानदारी और संस्कारों सेआज हम अपने सपनों से भी बड़ी पहचान बना चुके हैं। हम तब भी सिंधी थे,हम आज भी सिंधी … Continue reading विभाजन विभीषिका दिवस
बादलों के शहर!
बचपन के वे आसमानों वाले महल हमारे मस्तिष्क में मचाते चहल पहल आपने भी यकीनन इन बादलों को देख कई अलग-अलग तरह के आकार जाने होंगे कभी वही बादल स्वप्न से अति मोहक व कभी भयानक क्रूर रूप वाले दिखते होंगे सिकीलधी Published in the July Edition of “Hindu Deep” by Hindu Council of Kenya
भारी गठरी!
जीवन की गठरी बहुत ही भारी तिस पर तुम अबला सी नारी जानें कितना बोझ सँभाले चलती हो तुम चाल ये न्यारी सिकीलधी https://sikiladi.com/2024/05/22/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/
एक वही…./Ek Vahi….
He is the ONE….. Ek Vahi….. निरंकारी बाबा हरदेव सिंह को एक सादर श्रद्धांजलि https://youtube.com/shorts/y4WIh54oJjM?si=yi0sUOpcK69gK6Jt
बिंदिया
Published in the March 2026 Edition of ‘Hindu Deep’ by Hindu Council of Kenya
हनुमान जयंती
हे मारुतिनंदन !हे हनुमान!सकल लोक में तुम्ही महान,राम नाम का लेकर सार,तुम करते जगत् का कल्याण,हे महाबली ,हे गुण निधान,महिमा आपकी बडी महान,अमरता का पा कर वरदान,कर देते पल में बाधा पार,तुम तेज प्रतापी, बुद्धि दाता ,बल और ज्ञान के दाता ,शत्रुओं का कर देते हो नाश,जय बजरंग ,जय हनुमान. …🙏🙏 हनुमान जयंती की आप … Continue reading हनुमान जयंती
रेत के धागे
Published in the February 2026 Edition of Hindu Deep by Hindu Council of रेत के धागे! It slips from the handsA no substance of substanceThe strands of sandThey slip away from my handsI hold, I grip, yet they slipThe naughty strands of sandSikiladi
तितलियाँ
Published in January Edition of “Hindu Deep” by The Hindu Council of Kenya तितलियाँ! वे ईश्वर के लुप्त गुप्त पैग़ाम ले आतींफ़रिश्तों की तरह दिल के दर्द समझ जातींयें नन्ही नन्ही तितलियाँ यहाँ वहाँ मँडरातींऔर बेरंग मेरे जीवन में रंग भर जातींसिकीलधी Above poem composed in 2015 found a place in a present edition of … Continue reading तितलियाँ