
बचपन के वे आसमानों वाले महल
हमारे मस्तिष्क में मचाते चहल पहल
आपने भी यकीनन इन बादलों को देख
कई अलग-अलग तरह के आकार जाने होंगे
कभी वही बादल स्वप्न से अति मोहक
व कभी भयानक क्रूर रूप वाले दिखते होंगे
सिकीलधी

Published in the July Edition of “Hindu Deep” by Hindu Council of Kenya