वो गुज़र गया

कल शाम सोशल मीडिया पर देखा  एक चेहरा, जिसको देख अचानक  दिल का एक सोया हिस्सा धड़का  वह उस का चेहरा था… वर्षों बाद यकायक उस तस्वीर को देख एक चलचित्र की तरह बहुत कुछ…. जाने क्यों मस्तिष्क भीतर घूमने लगा शोक समाचार था…. वो गुज़र चला था, अलविदा कर गया था कई घिनौनी यादें फिर लौट आईं थीं  समझ ही न आया कैसा बर्ताव करूँ  राहत की साँस लूँ या शोक मनाऊँ  कहते हैं जाने वाले के बारे में अच्छा ही बोलो मगर, यह मन है कि बग़ावत सी करता है  वह मेरा अपना नहीं था, बिलकुल नहीं था मगर इतना ग़ैर भी तो नहीं था  आख़िर वही तो था…. जिसने मेरे कोमल जिस्म को कुरेदा था उसकी घिनौनी हरकतों कि जानिब  मेरा बचपन महफ़ूज़ ही न था उसका नाम सुनते ही बेस्वाद ख़्याल आते है  नफ़रत की है उससे बड़े जी जान से फिर उसके मौत की ख़बर जाने क्यों  उसकी आत्मा के सुखी होने की दुआ माँगती है  दिमाग़ की जद्दोजहद ने किया बेक़ाबू  एक बार फिर महसूस हुई … मुझे मेरे ही जिस्म से उसकी बदबू  क्या ये सोचना कोई पाप है  अच्छा हुआ कि वो गुज़र गया सिकीलधी

Eccedentasiast

Eccedentasiast  She smiles  Convincingly she smiles And  They think she’s happy , She’s content  They know not her pain Her miseries understood by none For she’s the one…, Who often smiles. She wins the crown…. For never having a frown  She wears a happiness gown  The eccedentasiast she is….. For skipping the tears… Never permitting … Continue reading Eccedentasiast

Only One Earth!

https://anchor.fm/sikiladim/episodes/Only-One-Earth-e1jg95r Published in The Asian Weekly, Edition 613,( 3rd to 9th June,2022) to mark World Environment Day The world is coming to a standstillOur Ecosystem on degradation sillAwaken, arise all in togethernessGive the environment an upscale bill We have tasks aplenty to accomplishTo make our surroundings flourishLet’s conserve the Earth habitatBy not being greedy & … Continue reading Only One Earth!

उसकी आँखें / Uski Aankhein!

https://anchor.fm/sikiladim/episodes/Uski-Aankhein-e1jg95q उसकी आँखें उसकी आँखें कुछ ख़ामोश  कुछ नम उसके अपनों ने ही शायद ढाया सितम  जाने अनजाने में ही सही, उसने ओढ़ ईश्वरीय चोला इच्छा पूर्ति की परिवार जनों की  अपनी तमन्नाओं को रख ताला बन्द  वह पाँच लाख वाला महँगा लहंगा  बिटिया को दिलाना  जिसके बोझ तले निकला सा जाए है दम वह बहुरानी को नया नेकलेस  सेट दिलवाना  जिसके हीरों की दमक से आती  वाह की चमक  वह बेटे की नई कार की फ़रमाइश  माडल नया ख़रीद  उसके अलग घर का सपना पूरा कर घिस गई गर्दन  दामाद को भी चाहिए महँगी वाली घड़ी कैसे न देगा?  बेटी की कर के विदाई सोचा,अब खर्चा  कुछ तो होगा कम पोती भी बाँहों में झूल माँगती तोहफ़ा  दिखा कर अल्हड़ पन दादा तो न नहीं करेंगे, चाहे जेब में हो या न हो दम पोता भी कालेज की फ़ीस की देता दुहाई  दादा पे रख उम्मीद  बाइक का लेटेस्ट माडल है माँगता  बन गई एक और रसीद जब फादर्स डे आता , रेस्टोरेन्ट में जागर  मनाया जाता  मगर उस पिता की खुद की इच्छाओं पर किसी का ध्यान न जाता पोती पास आ खेलने से कतराती  समय न होने का बहाना बनाती पोता बूढ़े हो रहे दादा से दूर जा टेनिस व फुटबॉल का मैच देखता उसे भी अच्छा लगता, यदि उसके संग बैठ मैच वो देखता पोती से नई फ़िल्म की कहानी सुनकर शायद मन बहल जाता बेटी, बेटे व बहू से तो आशा रखी ही न जाती अकेले बैठ तन्हाई में पत्नी की याद उसे बहुत सताती उसकी ऑंखें कुछ ख़ामोश  कुछ नम जीवन में हैं देख लिए हर पल बदलते लोगों के ढंग पिताजी सुन के, पापा या डैडी सुन के … Continue reading उसकी आँखें / Uski Aankhein!

प्रेम से रहो!

https://videopress.com/v/CM74pns4?resizeToParent=true&cover=true&preloadContent=metadata&useAverageColor=true जीना है जब तक. क्यों न करे मोहब्बत ! रखें भाई चारा, न लें किसी की तोहमत! यादों की छोड़ छाप जहां में, ख़ुशनुमा करें खुद की क़िस्मत! आपसी नाता निभाएं , ईश्वर की मान नेमत! सिकीलधी