तितलीयॉं ओढ़े सफ़ेद लिबास दो तितलियॉ करती इक दूजे से अठखेलियाँ पेड़ पतीयॉं, डाली व कलियाँ बूझ न पाती उनकी पहेलियॉं कैसी अनोखी ये दो सखियॉं करती जाने कौन सी बतियॉं कभी उड़तीं वो डाली डाली कभी थिरकतीं क्यारी क्यारी इनकी चुप्पी भरी बेआवाज़ सदाऐं जाने किस रसिया को लुभाऐं ख़ामोश दास्ताँ अपने दिल की … Continue reading तितलीयॉं
Poetry
बलात्कार
सभ्यता असभ्यता जाने कैसे जाने अन्जाने रूप में हमारे ही हाथों गेंद की तरह उलझती दिखती है...........
मॉं
रिश्ते
दिवंगत
चले गए जो आज से पहले, उन दिवंगत आत्माओं को प्रणाम.....
हमारे पूर्वज
हमारे पूर्वज वह सब हमारे पूर्वज हैं जो हम से पहले विदा हुए है हमारा कर्तव्य कि हम उनके लिए प्रार्थना करें दिलों में बसते कुछ ही मगर छाप अनेकों कि भीतर लिए चलो हम अपना कर्तव्य पालन करें पूर्वजों की मुक्ति का संकल्प करें याद उनकी दिल में धरें ..........
Dejected!
He was hurt, felt dejected, shut his eyes. He felt insulted, the humiliation hit......
The Rakhee Thread
Threads of Love bond them together. Threads of unity hold them together.
A Friend in need
Her motherly instincts treat me with love. When she is there, things can’t go bad
Jacky’s turns 50
The Jacky's Group of Companies marks 50th year of it's existence.