Baat niharey panchhi albela, bhor gayi aayee saanjh ki vela, Tanhai main udan raas na aaye, preetam sang lagta hai mela Sikiladi
Hindi
Two Liner – 1
Peeli Sarson si umang, tiss par saja lal rang Bhari do-pahar main yoon khadre, dil main jagate tarang sikiladi
आवारा पन्ने
शायद वह नब्ज़ दर्द देने वाली किसी ग़ैर की पकड़ में आ गई होगी ज़िक्र छेड़कर मेरे इतिहास के पन्नों का उसे कुछ मज़ा शायद आया होगा
किसका हक़
सदियों से सताया तुमने किसने दिया है यह हक़
औकात याद दिला दी
अच्छा किया जो तुम ने औक़ात याद दिला दी मुझ को जानती थी जिस घर को अपना उसी की बन्दी बन कर रह गई
साड़ीयॉं
साड़ीयॉं हर औरत की शान जो देती अलग पहचान
समोसा
चलो आज समोसे का मज़ा लेते हैं
दशक बदल चला
बदलते दशक के संग बदले कई हालात। आओ पढ़ कर देखो कैसे बदले हैं हाल।
Nalina
Zindagi ka hoga jab khatm afsana Tum se mein bhi milne aoongi wahaan
लौट आओ
एक गुमशुदा भाई को गरवापसी की दुहाई। एक प्रयास, शायद यह कविता उसे ले आए पास।