Truck Art

*ट्रकों के पीछे जो..**लिखा जाता है.,**वो अब इंसानों के पीछे..**लिखने की नौबत आ गई है.,*_*"KEEP DISTANCE"*_ Buri Thook wale, tera munh kaladurr raho, gale na milojaldi jaldi haath sabun se dho loMAINTAIN SOCIAL DISTANCE

अम्माँ का पुलाव

ईश्वर भी मुस्कुराए होंगे शायद सुनके ये ईश्वर का स्वर। अम्माँ ने अब चूल्हा बुझा कर, पुलाव मेज़ पर परोस दिया था। हम सब प्राणी भी पुलाव के उन सामग्रियों की ही तरह, अपना ही राग अलापते हैं और ईश्वर की कृपा भुला ख़ुद अपना ही गुण गाते हैं।

यादों की चादर

ओड़ ली मॉं आज फिर तेरी यादों की चादर तुझे याद करआज दिल हुआ जाए बेकल तुम थी तो दुनिया का अंदाज़ अलग था तुम्हारे जाने से, रिश्तों का फीका सा रंग था याद आती हैं बातें वह बचपन वाली सुहानी कितनी ही रातों में सुनी हमने तुमसे कहानी ख़ुद पढ़ी लिखी न हो कर भी, हम … Continue reading यादों की चादर

धरती मॉं

हम धरती पे जन्मे धरती पर ही बोझ बने और फिर धरती में ही समाए धरती हमें प्यार से बुलाए अपनी आग़ोश में लेती सुलाए प्रियजन चाहे रहते रोते रुलाए उनको यह बात कौन समझाए जिसे जानते पीड़ित असहाय और भरते सिसकीयों भरी हाय उनका अपना अब लौट कर धरती मॉं की गोद में सो … Continue reading धरती मॉं

Nature’s Trail – 3

PREAगगन के बदन पर छाई लालिमा तीर कमान की फैल गई गरिमा काश कि हो ईश्वर का सन्देश कोविड १९ को भगाने का आदेश सिकीलधीुSpread on the body of the sky, the tinted bow and arrow, comes as a message from above to shoot away Covid19 .......Sikiladi

मुसाफ़िर / Traveler

आया मेरे आंगन एक मुसाफ़िर , मतवाली सी चाल दिखाने.......सिकीलधी निहारे पेड़ के भीतर बसी कोई अपने पसंद की चीज़ ढूँढने ..........सिकीलधी चला है उड़ने यहाँ से अब वो, कहीं और आशियाँ बनाने......सिकीलधी थामे मुख में ढाल की टहनी, नैनों से चहूं ओर निहारे.......सिकीलधी

आओ मैय्या

छाया है आज एक सन्नाटा मानव बैठा पहनकर मुख्खौटा भयभीत हुए सभी जनगण सूना सा दिखता हर प्रांगण नहीं यह पहली बार हुआ है काल का सुदर्शन चक्र चला है महामारी ने किया आतंकित विश्व का हर जन हुआ सीमित याद करो मॉं जब उपद्रव मचा था महिषासुर का तुम ने वध किया था दानव दैत्य … Continue reading आओ मैय्या