Hindi
रिश्ते
दिवंगत
चले गए जो आज से पहले, उन दिवंगत आत्माओं को प्रणाम.....
हमारे पूर्वज
हमारे पूर्वज वह सब हमारे पूर्वज हैं जो हम से पहले विदा हुए है हमारा कर्तव्य कि हम उनके लिए प्रार्थना करें दिलों में बसते कुछ ही मगर छाप अनेकों कि भीतर लिए चलो हम अपना कर्तव्य पालन करें पूर्वजों की मुक्ति का संकल्प करें याद उनकी दिल में धरें ..........
गुरू
गुरू है वह अहसास, जो रहता संग जीवन की हर श्वासं........
पंछी प्यारे
ऐ पंछी कल फिर आना, बाट निहारूँगी मैं तेरी
दूरी – 2
लौट आएँगे फिर वह सुहाने बहारों के दिन.......
Nature’s Trail (7) Morning Sky
His Divine Grace!
सरमाया
उजाला करने वाले को देकर अपनी छाया वह नादान समझ बैठा ख़ुद को सरमाया बना कर बुत भगवान का मन्दिर के लिए वह अन्जान ख़ुद को समझ बैठा विधाता सिकीलधी
ईंसानियत
सो गई इंसानियत, दिन में रात हो गई बेदर्दी की आज एक नई दास्तान हो गई खिन्न हुआ मन, हरकतों से बू आने लगी घिनौनी शरारत एक, किसी की जान ले गई जाग उठी हैवानियत, इब्तिदा अब हो गई क्रूरता इतनी की, जी मिचलाने की हालत हो गई दूजे को कहते हैं जानवर, पशुत्व प्रकीर्ति हो गई तुमसे भले तो पशु, दुख … Continue reading ईंसानियत