Vasant Panchmi! वसंत पंचमी ( सिन्धी)


तुम्हारी मधुर आवाज़
व महान कवियों की पंक्तियाँ
छेड़ गए मन वीणा के तार
ह्रदय भीतर हुआ रस संचार
तुमने शब्दों व छंदों से किया चमत्कार
मुझे भी भा गई बसंत की बहार
आया बसंत पंचमी का त्यौहार
सिकीलधी

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