A Tribute to Baba Hardev Singh Ji
कविता
बाबा हरदेव वाली राह! Baba Hardev wali raah!
“धर्म जोड़ता है, तोड़ता नहीं “ बाबा हरदेव सिंह “Let blood flow in the veins, not in the drains” Baba Hardev Singh Ji.
पतंग सी!
मॉं कब बूढ़ी हो गई ! Maa kab boodhi ho gayi!
एक ऐसी संतान जिसे यकायक मॉं के बुढ़ापे का अहसास हुआ।
मॉं का मायका
https://anchor.fm/sikiladim/episodes/ep-e1hatocमॉं का मायका मॉं जब भी मायके जातीख़ुशी की लहर है छा तीउसके प्यार व दुलार भरी बातेंपूरे परिवार को सुखद अहसास दिलातीं मॉं जब जब मायके जातीछोटे भाई बहनों पर बलिहारी जातीघुल मिलते सब उसके इर्द-गिर्दएकता का नया संदेशा याद दिलाती मॉं जब भी मायके जातीछोटे भाई भतीजों में पिता को खोजतीभाभियों पर ममता … Continue reading मॉं का मायका
पैबंद
औरत
वीरानापन
पहली किरण
झांकती ज़िन्दगी
बंद दरीचों से झॉंकती ज़िन्दगी लेकर पैग़ाम उम्मीदों भरे छन कर ज़रा सी धूप बिखरती ओलिएन्डर की शाख़ों तले दिल की धड़कन तेज़ हो चली आशाओं के दीप हुए उज्ज्वल अब तो आजा, दिन भी है निखरा हम राह तकते ज़ुल्फ़ें बिखरा इन्तज़ार की हुई इन्तेहा सफ़र ए सिकीलधी बेहद तन्हा सिकीलधी