राम आ गए / Ram aa gaye!

उत्साहित क्षण भारत के गौरव का निखार उठी हर जन भीतर नव ऊर्जा Sikiladi हमारे राम लला है घर पधारे भंग हुई सदियों की तपस्या राम दिवाली एक बार फिर हो रही नव चेतना हो विकसित झलक रही मानव मूल्यों की हो गई प्राण प्रतिष्ठा Sikiladi राम केवल भगवान नहीं एक आस है भारत की … Continue reading राम आ गए / Ram aa gaye!

सरमाया

उजाला करने वाले को देकर अपनी छाया वह नादान समझ बैठा ख़ुद को सरमाया बना कर बुत भगवान का मन्दिर के लिए वह अन्जान ख़ुद को समझ बैठा विधाता सिकीलधी