प्रकृति
धूप का टुकड़ा! A piece of Sun!
View from the balcony: 07/11/23, Nairobi Sunrise this morning Brought in new hope. As I was awakened to a beautiful day The rains along with freshness had brought in gloom Hence the Sun appeared as a blessing.
बूँद बहार!
हिन्दू मंत्रों व रेंकी सहित वृक्षारोपण
अनन्य उत्सव इस माह के 'अनन्य-उत्सव' की अगली कड़ी के रूप में हम प्रस्तुत करते हैं अनन्य-केन्या का नया अंक अनन्य-केन्या की संपादक सारिका फलोर के शब्दों में इस अंक में आप पढ़ पाएँगे केन्या के हिन्दी कवि, लेखकों की रचनाएँ, सांस्कृतिक उत्सव व कला-चित्रकारी की झलक - -संपादकीय - सारिका फलोर - "मातृ शक्ति … Continue reading हिन्दू मंत्रों व रेंकी सहित वृक्षारोपण
वृक्षारोपण का तरीक़ा
हिन्दू मंत्रों व रेकी के साथ वृक्षारोपण मोनिका गोकलदास , केन्या https://videopress.com/v/WS8rTTDO?resizeToParent=true&cover=true&preloadContent=metadata&useAverageColor=true नैरोबी के एक स्कूल में वृक्षारोपण मत्स्य पुराण में कहा गया है कि एक वृक्ष लगाना, दस पुत्रों को उत्पन्न करने के समान है । हमेशा से वृक्ष मानव जाती व अन्य कईप्राणियों के लिए कल्याणकारी रहे हैं । sikiladi हिंदू धर्म में पीपल, बड़ एवं अन्य कई वृक्षों को महान दर्जा दिया गया है और उनकी पूजा भी की जाती है । न केवल वृक्ष परन्तु पौधों काभी हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान जाना गया है । तुलसी के पौधे को माता का दर्जा भी दिया जाता है । सनातनी मान्यता रखने वाले हर उपजाऊ वस्तु का आदर करते हैं जिनमें वृक्षों का स्थान महत्वपूर्ण है । जन्म व नामकरण की पूजा सेलेकर मानव की मृत्यु व दाह संस्कार सभी में सृष्टि की यह अनमोल देन किसी न किसी प्रकार सहायक बनती है ।sikiladi हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वृक्षारोपण करने वाले को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है । मेरा रेकी हीलिंग पद्यती जे जुड़े होने के कारणमैंने यह महसूस किया है कि मंत्रोचारण व रेंकी दोनों के प्रयोग से यदि वृक्षारोपण किया जाता है तो उन पौधों एवं वृक्षों के स्वस्थ रूप सेबड़ने की सफलता कहीं अधिक होती है । निम्नलिखित मंत्र वृक्षारोपण के समय उच्चारित करना लाभदायक माना जाता है किन्तु कठिन उच्चारण के कारण एक सरल संस्कृत मंत्रसाझा किया गया है ताकि बच्चों को आसानी से सिखाया जा सके : वृक्षारोपण का मंत्र: “ऊँ वसुधेति च शीतोती पुण्यदेति धरेति च नमस्ते सुभगे देवि द्रुमोडंय त्वयि रोपते॥”sikiladi सरल मंत्र- “ वृक्षा रक्षति रक्षिता: “ (अर्थ: आप वृक्ष की रक्षा करें एवं वृक्ष आपकी रक्षा करेगा वृक्षारोपण का निर्देश: 1. सबसे पहले रेकी समृद्ध जल/ पानी तैयार रखें 2. जो गड्ढे खोदे गए अथवा खोदा गया है उससे व धरती माता से क्षमायाचना करें क्योंकि गड्डा खोदते समय धरती मॉ को एवं उस में बसेजीवों को पीड़ा पहुँचाई गई (a)हे धरती माता मैं क्षमा मांगती हूँ(b)हे धरती माता मुझे क्षमा करो। (c) मैं आपको प्रणाम करती/करता हूँd)आपका धन्यवाद करती/करता हूँ ( Ask forgiveness from Mother Earth and from the hollow holes that are dug as while digging we have hurt Mother Earth and beings) (a) I Am Sorry (b) Please forgive me … Continue reading वृक्षारोपण का तरीक़ा
वीरानापन
धीमे धीमे
पहली किरण
भगवान गरुड़
झांकती ज़िन्दगी
बंद दरीचों से झॉंकती ज़िन्दगी लेकर पैग़ाम उम्मीदों भरे छन कर ज़रा सी धूप बिखरती ओलिएन्डर की शाख़ों तले दिल की धड़कन तेज़ हो चली आशाओं के दीप हुए उज्ज्वल अब तो आजा, दिन भी है निखरा हम राह तकते ज़ुल्फ़ें बिखरा इन्तज़ार की हुई इन्तेहा सफ़र ए सिकीलधी बेहद तन्हा सिकीलधी