Shayari
हर लम्हा!
विश्व हिन्दी दिवस २०२४
२०२४
डर!
चॉंद
यादें!
बिखरे बाल!
दर्द की भी एक अलग ही दास्तान होती है ।कभी चेहरे से जा़हिर हो, कभी चाल डाल से दिखाई देता है । जाने किस किस प्रकार दर्द अपना अहसास कराता है ।
दर्द की भी एक अलग ही दास्तान होती है ।कभी चेहरे से जा़हिर हो, कभी चाल डाल से दिखाई देता है । जाने किस किस प्रकार दर्द अपना अहसास कराता है ।