Hindi
एक शब्द!
विश्व हिन्दी दिवस २०२४
२०२४
डर!
चॉंद
मॉं सी!
यादें!
बिखरे बाल!
दर्द की भी एक अलग ही दास्तान होती है ।कभी चेहरे से जा़हिर हो, कभी चाल डाल से दिखाई देता है । जाने किस किस प्रकार दर्द अपना अहसास कराता है ।
खुशाली!
बेटी मेरी अपनी हो या फिर किसी और की- बेटी ही होती है । यह कविता मेरी सखी अरूना की ओर से उसकी बेटी खुशाली के लिए एक प्यारी सी भेंट । जन्मदिन मुबारक हो खुशाली ।