अमृत का संचार हो रहा गोपियों संग रास हो रहा चाँद जो चमका चॉंदी सा हर्षित हर एक मन हो रहा खीर बना कर भोग लगा है लक्ष्मी जी का अहसास हुआ है अक्षत रख प्रार्थना हम करते उत्साहित हर मन हुआ है सिकीलधी
Hindi
साँवरी
जड़
जुड़े जो रहे अपनी जड़ों से , सम्भल ही जाते उड़ते परों से A deep rooted reflection of life Nature Photography 18/09/25 London Roadside
धुंधला आसमाँ!
A Foggy Morning 18/08/25 Nairobi
शिवलिंग
शिवलिंग शिवलिंग पर चढाये जल को लाँघा नही जाता और शिवलिंग की परिक्रमा आधी की जाती है.शिवलिंग पर अर्पित नैवेद्य भी नहीं खाया जाता उसे गऊ वंश को खिला दिया जाता है क्योंकि उनमें ही इसकी शक्ति को सहने की क्षमता होती है…! भारत का रेडियोएक्टिविटी मैप उठा ले हैरान हो जायेंगे भारत सरकार के … Continue reading शिवलिंग
संदूक पुराना
ख़ुद्दारी
औरत अपना सर्वस्व जिन पर क़ुर्बान कर जाती है, अक्सर वही उसके असीम दुख का कारण बन जाते हैं ।
खुला आसमाँ
पुकारता है प्रकृति प्रेम जब जबउत्साह बढ़ता है तब तबखुले आसमाँ से आती पुकारख़ुद को कोई रोके कब तक सिकीलधी
मॉं रहती है माता
Sundar Kand recitation!
Sarika Falor a poet par excellence composed the holy text of Hindus called Sundar Kand in simple Hindi using her own poetic compositions and published it into a book. Interestingly she performed a recitation at Shree Ram Mandir, Nairobi even before her book was published. This poetic composition was published in India and blessed by … Continue reading Sundar Kand recitation!