चले गए जो आज से पहले, उन दिवंगत आत्माओं को प्रणाम.....
दिवंगत
चले गए जो आज से पहले, उन दिवंगत आत्माओं को प्रणाम.....
हमारे पूर्वज वह सब हमारे पूर्वज हैं जो हम से पहले विदा हुए है हमारा कर्तव्य कि हम उनके लिए प्रार्थना करें दिलों में बसते कुछ ही मगर छाप अनेकों कि भीतर लिए चलो हम अपना कर्तव्य पालन करें पूर्वजों की मुक्ति का संकल्प करें याद उनकी दिल में धरें ..........
गुरू है वह अहसास, जो रहता संग जीवन की हर श्वासं........
ऐ पंछी कल फिर आना, बाट निहारूँगी मैं तेरी
उजाला करने वाले को देकर अपनी छाया वह नादान समझ बैठा ख़ुद को सरमाया बना कर बुत भगवान का मन्दिर के लिए वह अन्जान ख़ुद को समझ बैठा विधाता सिकीलधी
सो गई इंसानियत, दिन में रात हो गई बेदर्दी की आज एक नई दास्तान हो गई खिन्न हुआ मन, हरकतों से बू आने लगी घिनौनी शरारत एक, किसी की जान ले गई जाग उठी हैवानियत, इब्तिदा अब हो गई क्रूरता इतनी की, जी मिचलाने की हालत हो गई दूजे को कहते हैं जानवर, पशुत्व प्रकीर्ति हो गई तुमसे भले तो पशु, दुख … Continue reading ईंसानियत
*कै से हो आ प स ब**स ब ठी क है ना**अ ब तो अ क्ष र भी**पा स पा स लि ख ने**में ड र ल ग ने ल गा है ।**S O C I A L* *D I S T A N C I N G*😃 😉 😛 🤣 😇 😂t* ये कै … Continue reading दूरी – 1
Samarpan Divas of Baba Hardev Singh Ji, is being marked by the entire Nirankari Community all over the world, maintaining the social distance, without gatherings through Soical media. Babaji passed away on 13th May 2016.
*ट्रकों के पीछे जो..**लिखा जाता है.,**वो अब इंसानों के पीछे..**लिखने की नौबत आ गई है.,*_*"KEEP DISTANCE"*_ Buri Thook wale, tera munh kaladurr raho, gale na milojaldi jaldi haath sabun se dho loMAINTAIN SOCIAL DISTANCE
ईश्वर भी मुस्कुराए होंगे शायद सुनके ये ईश्वर का स्वर। अम्माँ ने अब चूल्हा बुझा कर, पुलाव मेज़ पर परोस दिया था। हम सब प्राणी भी पुलाव के उन सामग्रियों की ही तरह, अपना ही राग अलापते हैं और ईश्वर की कृपा भुला ख़ुद अपना ही गुण गाते हैं।