हिन्दू मंत्रों व रेकी के साथ वृक्षारोपण मोनिका गोकलदास , केन्या https://videopress.com/v/WS8rTTDO?resizeToParent=true&cover=true&preloadContent=metadata&useAverageColor=true नैरोबी के एक स्कूल में वृक्षारोपण मत्स्य पुराण में कहा गया है कि एक वृक्ष लगाना, दस पुत्रों को उत्पन्न करने के समान है । हमेशा से वृक्ष मानव जाती व अन्य कईप्राणियों के लिए कल्याणकारी रहे हैं । sikiladi हिंदू धर्म में पीपल, बड़ एवं अन्य कई वृक्षों को महान दर्जा दिया गया है और उनकी पूजा भी की जाती है । न केवल वृक्ष परन्तु पौधों काभी हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान जाना गया है । तुलसी के पौधे को माता का दर्जा भी दिया जाता है । सनातनी मान्यता रखने वाले हर उपजाऊ वस्तु का आदर करते हैं जिनमें वृक्षों का स्थान महत्वपूर्ण है । जन्म व नामकरण की पूजा सेलेकर मानव की मृत्यु व दाह संस्कार सभी में सृष्टि की यह अनमोल देन किसी न किसी प्रकार सहायक बनती है ।sikiladi हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वृक्षारोपण करने वाले को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है । मेरा रेकी हीलिंग पद्यती जे जुड़े होने के कारणमैंने यह महसूस किया है कि मंत्रोचारण व रेंकी दोनों के प्रयोग से यदि वृक्षारोपण किया जाता है तो उन पौधों एवं वृक्षों के स्वस्थ रूप सेबड़ने की सफलता कहीं अधिक होती है । निम्नलिखित मंत्र वृक्षारोपण के समय उच्चारित करना लाभदायक माना जाता है किन्तु कठिन उच्चारण के कारण एक सरल संस्कृत मंत्रसाझा किया गया है ताकि बच्चों को आसानी से सिखाया जा सके : वृक्षारोपण का मंत्र: “ऊँ वसुधेति च शीतोती पुण्यदेति धरेति च नमस्ते सुभगे देवि द्रुमोडंय त्वयि रोपते॥”sikiladi सरल मंत्र- “ वृक्षा रक्षति रक्षिता: “ (अर्थ: आप वृक्ष की रक्षा करें एवं वृक्ष आपकी रक्षा करेगा वृक्षारोपण का निर्देश: 1. सबसे पहले रेकी समृद्ध जल/ पानी तैयार रखें 2. जो गड्ढे खोदे गए अथवा खोदा गया है उससे व धरती माता से क्षमायाचना करें क्योंकि गड्डा खोदते समय धरती मॉ को एवं उस में बसेजीवों को पीड़ा पहुँचाई गई (a)हे धरती माता मैं क्षमा मांगती हूँ(b)हे धरती माता मुझे क्षमा करो। (c) मैं आपको प्रणाम करती/करता हूँd)आपका धन्यवाद करती/करता हूँ ( Ask forgiveness from Mother Earth and from the hollow holes that are dug as while digging we have hurt Mother Earth and beings) (a) I Am Sorry (b) Please forgive me … Continue reading वृक्षारोपण का तरीक़ा
हिन्दी
Giving back to Mother Earth (A Healer’s dairy)
Tree Planting done by refugee children applying Reiki method and chanting Hindu Mantras.
पहचान
किताबों के ढेर, ढेर सारी किताबों के ढेर। कुछ ऐसा ही दिखता था जब विमल अपनी नन्ही सी आयु में अपने पिता का किताबें जमा करने का शौक़ देखती थी। वह ढेर जिसे वह ढेर कहती थी, बहुत ही सलीक़े से बैठक की बड़ी सी कॉंच की अलमारी में सहेज कर रखीं पुस्तकें थीं । … Continue reading पहचान
वीर हनुमाना/ Veer Hanumana
Hanuman Jayanti 06/04/23 Veer Hanumana ati balwana Ram ras rasiya ho Prabhu mann basiya ho वीर हनुमाना अति बलवाना राम रस रसिया हो प्रभु मन बसिया हो
श्री हनुमान दशक! Shree Hanuman Dashak!
Shree Hanuman Dashak (composed by Sadguru Swami Basantram) Sankat har sukh deta hai, Pavan tanay Hanuman Ram bhakt Bajrangbali, budhi bal gyan nidhan Baal pan mein surya ko , gras liyo Hanumant Devan ki Sun Vinay ko, kasht harey balvant Bali ke bal se chhipey, giri main jaa Sugriv Marva Bali Ram se, keen sukhi … Continue reading श्री हनुमान दशक! Shree Hanuman Dashak!
इन्तज़ार/ Intezar
जय झूलेलाल/ Jai Jhulelal
Jai Jhulelal! This Sindhi greeting pictured at Ram Mandir, Nairobi on the occasion of Hindu Sindhi New Year Cheti Chand 2023 / Vikram Samvat 2080 Banner designed by Sonia Harjani ( Guided by Monica Gokaldas)
कमल /Kamal
A tribute to Sikiladi’s spiritual Guru Kamal Tolia
पूछो न!
पूछो न न पूछो तुम मुझसे मेरे दुखों का कारण सह न सकूँगी और तुम्हें कुछ कह न सकूँगी बस ख़ामोश निगाहों से दर्दे दिल को बयॉं करूँगी पाक आफ़ताब की ओढ़े आबरू ज़मीन में ही गढ़ सी जाऊँगी होंठ सीये भी एक अरसा हो चला लफ़्ज़ों ने कब का साथ छोड़ दिया बस ये ऑंखें हैं जो दर्पण बन मन का कह जाती हैं जो कहना ही न था जी रही हूँ बोझ लिए दिल पर डरती हूँ … बाँध टूट न जाए अब सब्र का बिखर न जाए ज़ख़्मी जिगर बह न जाए नयनों से धार चुप हूँ फिर भी कोलाहल है डर है कहीं फट ही न पड़े दुखती हर नफ़्स जो दबाए हूँ सिकीलधी
औपचारिकता!
अब दुनिया के दस्तूर और तकल्लुफ़ निभाने पड़ेंगे ….. ओढ़ औपचारिकता क चादर फिर एक बार…… कई पुराने रिश्ते जहां वालों से निभाने पड़ेंगे …..