कविता
पुष्पा की याद!
तुम बिन!
आपके बिन!
सर्द मौसम
सर्द मौसम! मौसम का है तक़ाज़ाया मेरी रूह का जनाज़ाआहें हुई सर्द, दिल में दर्दछुपाऊँ कैसे? छुपाऊँ किस से? सिकीलधी
तराज़ू के पलड़े
तुम कहतीं थी न मेरे होने से तुम्हें अच्छा लगता है फिर अब! अब क्या हुआ जो वहीं संग बोझ लगता है तुम नन्ही सी थी तो कभी तुम्हारा हाथ पकड़ और कभी तुम्हें गोद में उठा मैं चलती थी ऐसा न था कि तुम बिल्कुल हल्की सी थी तुम्हें उठा मैं बहुत थकती थी … Continue reading तराज़ू के पलड़े
विश्व कविता दिवस २०२५
महिला काव्य मंच के zoom platform पर केन्या इकाई पर प्रस्तुत की मेरी यह कविता बेहद सराही गई । आप सब से साझा कर रही हूँ । आशा करती हूँ आप सब को भी पसंद आएगी । महिला काव्य मंच केन्या की काव्य गोष्ठी कविता क्या है ? कविता एक एहसास है जो शब्दों से बुझती … Continue reading विश्व कविता दिवस २०२५
ऐ मृत्यु!
मृत्यु को करते आमंत्रित स्वयं को किया समर्पित https://youtu.be/Spg_S9c7aeQ?si=z1hFTPlPeVVCg_vL
Tyauhar ke rang, Mausam ke sang: Ek Kavya sandhya
Gratitude to be able to coordinate yet another poetic forum for the Hindu Council of Kenya {HCK} under the guidance of Sujatha Kotamraju to showcase the Six Indian seasons and festivals related to them along with poets from the 44th tribe of Kenya.