कविता
नए पटल पर शादी
आज के कोविड वाले समय में विवाह करना एक नया ही अंदाज़ हो गया है। न रिश्तेदार दूर देश सफ़र कर पाते, न बहुत से अपने, अपनों का साथ निभा पाते। मगर ऐेसे में एक नए पटल पर साथ निभाने का, व दूर से हर उत्सव में शामिल होने का भी अवसर मिलता है।
देशद्रोह
The disturbances in Delhi on the Republic Day of India was a shameful act by those who spread the devastation and terror. This poem is inspired by the situation.
पंछी
A bird in my balcony
ब्रह्मकमल
मोह का पाठ
मॉं की ममता होती नाज़ुक, जाती लाल अपनेु पर बलिहारी। यह कहानी उस मॉं के ह्रदय के बदलते विचारों की है.............
डैडी
आजकल का समां
बादल की चादर
कपास के कपोलों सी मुलायम चादर, अनछुए आलिंगन में बाँधती यह चादर.......
आस के धागे
है कौन वह अपना जो, उलझनों को सुलझा सके, गिरह जो लग गईं हैं उनमें, उन को आ सुलझा सके.........