जाड़ा आया!

जाड़ा  जाड़ा आया, गरम कपड़ों कि दुकानें लायाsikiladi कई प्रकार के कम्बल, रज़ाई व रंगबिरंगी शाल लाया  कुछ हल्की, कुछ पश्मीना या फिर शहतूश वाली शाल  ऊन महीन हो, मध्यम हो या मोटे रेशे की लेतीं हर साल धूप सेकतीं, बैठ बतियातीं, और हाथों सिलाइयाँ चलातीं  घंटों तक स्वेटर बुनतीं माँ, दादी व चाची मामी दिखतीं  तिल लड्डू व रेवड़ी की मिठास वाला जाड़ा आया अग्नि देव की मर्यादा लिए लोहड़ी संग पोंगल लायाsikiladi माघ व मकर संक्रांति वाले गंगा स्नान वाली उमंग लाया सात धान की खिचड़ी, गज़क, गुड़ की मिठास ले आया पेंच लड़ाने वाला उत्सव, पतंगों का साया आकाश पे छाया बहु, ससुर, जीजा व साली सबने मिल आनंद उठाया तरह तरह के फ़ैशन वाला आज भी जब जाड़ा आया शीत ऋतु का नया स्टाइलिश सा संदेशा लाया  कई प्रकार की टोपी, मोज़े, जर्सी व दस्ताने लायाsikiladi  बुनाई वाली बैठकों संग कितने सुंदर पोंचो लाया दूर हुई गर्मी के पसीने की बू, धूप में अब आनंद आया साथ ही पुराने से नूतन वर्ष में सरकने का अवसर  आया जाड़े संग ही आता पेट पूजा का अलग ही सरोकार सरसों के ताज़ा पते व मोती से चमकते मटर गोलाकारबाजरे, मक्के या गुड़ की हो रोटी मक्खन जताता प्यारकैसे कर सकता है कोई इस ऋतु के व्यंजन से इनकार वो बालू पर भुनी हुई मुलायम शकरकंदी का दीदारऔर छली लिए फेरी वाले की ज़ोरदार आमंत्रित पुकारsikiladi कड़कता जब जीवन का वृध्द जाड़ा आया हमारे चाहने न चाहने की परवाह किए बग़ैर  निर्दयी हमारे जोड़ों के दर्द को संग ले लायाsikiladi  संग ही लाया शीशी वाला गरम सरसों का तेल जिसका हर रात होता हमारे दुखते घुटनों से मेल कंपकंपाती सर्दी लगती, दांत किटकिटाते  सिगड़ी लगा कमरों में बैठ हम हाथ पाँव सेकते  सर्द सर्दी के स्वभाव भी अजब घर में होते दिखते रज़ाइयों में बैठे बुजुर्गों के पाँव छूने कठिन लगतेचूल्हे पर चाय के सिवाय काड़े के पतीले मिलतेप्रातःकाल बच्चे न नहाने के बहाने खोजते फिरते अपनी चहेती क़ुल्फ़ी से हम स्वत: ही मुँह मोड़ लेते पेप्सी,कोला छोड़ हम हल्दी वाला दूध पीने लगतेsikiladi श्री कृष्ण के उपदेश लिए जाड़ा आयाsikiladi श्रीमद् भागवत गीता जी की जयंती लाया संक्रांति और भीष्म पितामह की पुण्यतिथि संग ही  तुलसी पूजन के उत्सव को भी यह मौसम ले आया गुरुओं की आशीश व नेमत लिए गुरू नानक देव  व गुरू गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व संग लाया जाड़ा आया, हाँ भाई जब जाड़ा आयाsikiladi कुछ ठिठुरन, कुछ सिहरन वाली शीत लहर लाया मगर अब की बरस पारा उतारती शीत लहर संग हर भारतीय के मन में नव उत्साह व उमंग ले आया अयोध्या नगरी व देस विदेश के मंदिरों को जोड़ पाया २०२४ वाला जाड़ा हर्षोल्लास वाली रामलहर ले आया https://videopress.com/v/zyq26ppl?resizeToParent=true&cover=true&preloadContent=metadata&useAverageColor=true कवि सम्मेलन 04/02/24 @ हिन्दू परिषद, केन्या

राम आ गए / Ram aa gaye!

उत्साहित क्षण भारत के गौरव का निखार उठी हर जन भीतर नव ऊर्जा Sikiladi हमारे राम लला है घर पधारे भंग हुई सदियों की तपस्या राम दिवाली एक बार फिर हो रही नव चेतना हो विकसित झलक रही मानव मूल्यों की हो गई प्राण प्रतिष्ठा Sikiladi राम केवल भगवान नहीं एक आस है भारत की … Continue reading राम आ गए / Ram aa gaye!

5160th Geeta Jayanti!

5160th Geeta Jayanti  By Sikiladi Geeta Jayanti is the auspicious day of the advent of Shrimad Bhagwad Geeta, the Holy Scripture of all Hindus.  In Dwapur Yug on this day the most talked about dialogue occurred between Shri Krishna and his companion friend Arjun on the battlefield of Kurukshetra wherein Shri Krishna, an incarnation of Bhagwan Vishnu imparted … Continue reading 5160th Geeta Jayanti!

Gita Jayanti!

December 22nd, 2023 marks the 5160th anniversary of the Holiest of Holy Hindu Book Bhagwad Geeta. The Book of all books is a treasure trove of Vedanta Knowledge and the righteous way of living. Greetings to all my readers on this auspicious day that is being marked by Geeta Chanting all over the world. Sikiladi