हमें भी दादी तेल लगाती थी, सिर की मालिश कर जाती थी। बालों में हाथ घुमाकर हर तरफ़ , वह अपना प्यार जताती थी…..
पोस्ट कार्ड / Post Card
हमें भी दादी तेल लगाती थी, सिर की मालिश कर जाती थी। बालों में हाथ घुमाकर हर तरफ़ , वह अपना प्यार जताती थी…..
दादी नानी की यह कहानी आँगन में जब बरसा पानी समेटा जा जल्दी से बिस्तर को खटिया तो थी भीग ही जानी रस्सी उसकी बदलनी ही थी हो चली थी बहुत ही पुरानी यादें समाई थी उस रस्सी पर नन्द भाभी की सुनी हर कहानी बोझ तले उन सब क़िस्सों के रस्सी ने … Continue reading खटिया और कहानी
अब अपना बोझ वह तय कर लेगा, पुत्र है अब कमाऊ लाल,
एक का ख़र्चा तो कम होगा, पुत्र जो बन गया कमाऊ लाल.
बेटी के दहेज की कम हुई चिन्ता, कुछ मदद करेगा मेरा लाल,
अब पेनशन अपनी बचत बनेगी, घर में है अब कमाऊ लाल.