जीवन की गठरी बहुत ही भारी तिस पर तुम अबला सी नारी जानें कितना बोझ सँभाले चलती हो तुम चाल ये न्यारी सिकीलधी https://sikiladi.com/2024/05/22/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/
अबला
किसका हक़
सदियों से सताया तुमने
किसने दिया है यह हक़