विश्व गौरैया दिवस ! World Sparrow Day!

विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर यह कविता एक प्यार भरी भेंट है उन चुलबुली गौरैया के नाम जो बचपन में मन बहलाने आँगन में आकर मीठे गीत से गाती थीं । दादी के डाले चावल के दाने हर दिन चुगने आतीं थीं नन्हे नन्हे पैरों से ज्यूँ टिम टिम कर इठलाती चलतीं थीं दाना … Continue reading विश्व गौरैया दिवस ! World Sparrow Day!

अंतिम संस्कार!

https://youtu.be/Jjgzi72uDqU?si=Ta_8d_0wKCz3RJRq केन्या के नैरोबी शहर में हिंदू परिषद द्वारा एक सांस्कृतिक सम्मेलन मनाया गया जिसके तहत एक कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ । कवि सम्मेलन का शीर्षक था “नवरस के रंग, कवियों के संग “ जिसमें करुण रस दर्शाती यह कविता “अंतिम संस्कार “ सुनाई गई । सिकीलधी

Vasant Panchmi! वसंत पंचमी ( सिन्धी)

https://youtu.be/8H61FG18KBs?si=6emybE1SXnV_CQ84 तुम्हारी मधुर आवाज़व महान कवियों की पंक्तियाँछेड़ गए मन वीणा के तारह्रदय भीतर हुआ रस संचारतुमने शब्दों व छंदों से किया चमत्कारमुझे भी भा गई बसंत की बहारआया बसंत पंचमी का त्यौहारसिकीलधी

The Pair of Socks!

The pair of socks found in an unusual place speaks of a story that is visible yet untold. It is not just the socks : It is the comfort of home. It is not the socks : it is the owner of the socks and her schedules and a lot more about her. Read on the poem to know about her....