मेरी बिन्दी मेरी अनुभूति Meri Bindi Meri Anubhuti

मेरी बिन्दी मेरी अनुभूति  कोई करता रक्त का दान कोई परिश्रम व समय का दान कोई करते खाद्य पथार्थ दान कुछ विशेष गण करते घन से दान मत भूलो इतिहास हमारा माथे लम्बा तिलक सज़ा कर वीरों ने दिए प्राणों के बलिदान हमारी सभ्यता के चिन्ह हैं महान क्यों शठ बन हम तजते यह स्वाभिमान … Continue reading मेरी बिन्दी मेरी अनुभूति Meri Bindi Meri Anubhuti

दिवाली

एक एैसी भी आई दिवाली न त्यौहार की रंगत न क़रीब जनों की संगत एकाकिपन वअपनी ही तन्हाई  कोरोना ने है भारी दहशत मचाई न मित्रों संग मिल ख़ुशियाँ बाटना  न परिवार जनों संग बैठ बतियाना न कहींआना जाना न किसी को घर पर बुलाना न्योते निमंत्रणअब कोई न देता पार्टी दिवाली कीअब कोई न … Continue reading दिवाली