बेटी मेरी अपनी हो या फिर किसी और की- बेटी ही होती है । यह कविता मेरी सखी अरूना की ओर से उसकी बेटी खुशाली के लिए एक प्यारी सी भेंट । जन्मदिन मुबारक हो खुशाली ।
कविता
रात का मुसाफ़िर!
धूप का टुकड़ा! A piece of Sun!
View from the balcony: 07/11/23, Nairobi Sunrise this morning Brought in new hope. As I was awakened to a beautiful day The rains along with freshness had brought in gloom Hence the Sun appeared as a blessing.
बूँद बहार!
7 October! ७ अक्तूबर!
Hindi poetry using English script!
स्वेटर! ( मॉं की याद)
तीज का चॉंद
दर्द की दास्तान!
चाय/ Chai
उसकी यादों का आलिंगन
जब वह थी तो मैं बेपरवाह थीबेपरवाह थी क्योंकि मेरी माँ थी कुछ समझ न आता, कोई दुविधा होती बस झट से उँगलियों से उसका नंबर मिलाती हर समस्या का समाधान थी मॉं Sikiladi हर दुविधा का निष्कास थी मॉं उसके घरेलू उपायों में थी मेरी तबियत हर रोग, हर दर्द का उपचार थी मॉं अब लगता है कि जब फ़ोन करती थी वह और बेवजह व्यस्तता जताती थी मैं कितनी गलती करती थी मैं Sikiladi उसका दिल दुखाती थी मैं अब वही सिलसिला चल रहा है बस अब सामने मॉं नहीं, मेरे बच्चे हैं Sikiladi हर संकट में, हर दुविधा में वे मुझसे उपाय तलाशते हैं अब समय की कमी तो रही न मगर अपने ही जने हुए मुझ से अधिक व्यस्त से है उनका हर पल ज्यूँ बेशक़ीमती सा है और मैं विवश हो इन्तज़ार में बैठी हुई फिर सोचती हूँ काल चक्र भी कैसा है कल जहां मैं थी आज मेरी संतान है और मुझे भी तो मॉं वाली पदवी मिली है जैसा देखा था उसको करते हुएSikiladi वहीं सब मैं आज कर जाती हॉं, मॉं जैसी आदर्श वादी न सही किन्तु कुछ कुछ उसके पद्ध चिन्हों पर चल जाती परिवार को न केवल पालने लगी हूँ मगर उसकी भाँति जोड़ने भी लगी हूँ जब दर्द दफ़्न कर सीने में, मुस्कुराती हूँ दर्पण भी मेरे चेहरे में उसकी झलक दिखाता है हर सुख संपन्न होते हुए, खुश आबाद क्षणों में भी बस एक कमी सी पाती हूँ Sikiladi मॉं के संग न होने पर , तन्हा खुद को पाती हूँ फिर दूजे ही क्षण इस विश्वास में जीती हूँ वह मेरे भीतर समाई है, कभी मेरी उँगलियों से पकाती दिखती है Sikiladi कभी मेरे वस्त्रों में वह सुगंध सी समाती है कभी अपनी ही ऑंखों की नमी में महसूस होती कभी सुकून के क्षणों में ह्रदय को तृप्त करती है कभी याद सुहानी बन तितली सी वह खिड़की के किनारे आ बैठती हैं Sikiladi और कभी चाय की चुस्की लेते … Continue reading उसकी यादों का आलिंगन