विभाजन विभीषिका दिवस

एक तस्वीर, हजार कहानियां।घर, दुकान, खेत, जायजाद सब छोड़कर आए...लेकिन अपने संस्कार और हिम्मत साथ लाए। हमने सिंध छोड़ा, सब कुछ खोया,पर हिम्मत नहीं छोड़ी।लौटकर भारत आए, फिर से शून्य से शुरुआत की।मेहनत, ईमानदारी और संस्कारों सेआज हम अपने सपनों से भी बड़ी पहचान बना चुके हैं। हम तब भी सिंधी थे,हम आज भी सिंधी … Continue reading विभाजन विभीषिका दिवस