कर गए चलाना

  मीठी सी मुस्कान वह प्यारी बहुत दिलों को देती दिलदारी चेहरे की मासूमियत झलकती गम्भीर सी सोच के तले कोटू अन्कल वह बातें प्यारी याद सदा रहेंगी न्यारी बहुत अचानक किया चलाना निरंकार की शरण था जाना वो बचपन के छुट्टियों के दिन जब मनु व रीटा हांगकांग आते वह आपका हर रात हमारा … Continue reading कर गए चलाना

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