कमाऊ लाल

अब अपना बोझ वह तय कर लेगा, पुत्र है अब कमाऊ लाल, एक का ख़र्चा तो कम होगा, पुत्र जो बन गया कमाऊ लाल. बेटी के दहेज की कम हुई चिन्ता, कुछ मदद करेगा मेरा लाल, अब पेनशन अपनी बचत बनेगी, घर में है अब कमाऊ लाल.

रक्षा बन्धन

याद है बचपन की अठखेली वो पूछना एक दूजे से पहेली खेल खिलौने अद्भुत न्यारे गेंद व गुड़ीयॉं प्यारे प्यारे वो रंग भरी लम्बी पिचकारी ग़ुबारों में जल भर होली की तैयारी वो छत पर खेलना छुपन छुपाई बात बात पर करना लड़ाई याद आते हैं मेरे भैया प्यारे, वो दिल्ली के साँझ सखारे वो … Continue reading रक्षा बन्धन

राखी वाला लचीला धागा

राखी वाला आया त्यौहार घर में ज्यूँ आ गई हो बहार बहन फुदकती भाई के गिर्द सजाती थाली लिए स्नेह बिंदु लाती राखी वाला लचीला धागा चन्दन टीका, कुमकुम वाला सुहागा अक्षत भी माथे पर भैया के लगाती दीप जला मन उज्जवल करती आरती रक्षक भ्राता की उतारती उसकी लम्बी आयु की कामना करती भाई … Continue reading राखी वाला लचीला धागा