आवारा पन्ने

शायद वह नब्ज़ दर्द देने वाली किसी ग़ैर की पकड़ में आ गई होगी ज़िक्र छेड़कर मेरे इतिहास के पन्नों का उसे कुछ मज़ा शायद आया होगा

खटिया और कहानी

    दादी नानी की यह कहानी आँगन में जब बरसा पानी समेटा जा जल्दी से बिस्तर को खटिया तो थी भीग ही जानी रस्सी उसकी बदलनी ही थी हो चली थी बहुत ही पुरानी यादें समाई थी उस रस्सी पर नन्द भाभी की सुनी हर कहानी बोझ तले उन सब क़िस्सों के रस्सी ने … Continue reading खटिया और कहानी