आवारा पन्ने

शायद वह नब्ज़ दर्द देने वाली किसी ग़ैर की पकड़ में आ गई होगी ज़िक्र छेड़कर मेरे इतिहास के पन्नों का उसे कुछ मज़ा शायद आया होगा

कमाऊ लाल

अब अपना बोझ वह तय कर लेगा, पुत्र है अब कमाऊ लाल, एक का ख़र्चा तो कम होगा, पुत्र जो बन गया कमाऊ लाल. बेटी के दहेज की कम हुई चिन्ता, कुछ मदद करेगा मेरा लाल, अब पेनशन अपनी बचत बनेगी, घर में है अब कमाऊ लाल.